
राजस्थान के स्कूलों में बच्चों को शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाने का पाठ
Posted on 4 अगस्त 2026
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राज्य भर के स्कूलों में मंगलवार को बाल शोषण के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' के बीच के अंतर को समझाना और किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
बच्चों को किया गया जागरूक
जिले के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित इन विशेष सत्रों में, न्यायिक अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने समझाया कि यदि कोई व्यक्ति गलत नियत से स्पर्श करे, अश्लील हरकत करे या किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार करे, तो उन्हें बिना डरे अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए। पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों और सुरक्षित वातावरण के अधिकार पर भी जोर दिया गया।
मुख्य संदेश
- 'गुड टच' और 'बैड टच' की पहचान
- शोषण के खिलाफ तुरंत शिकायत करने का आह्वान
- अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा
- छोटे भाई-बहनों और अन्य बच्चों को भी जागरूक करने का आग्रह
यह पहल सुनिश्चित करती है कि बच्चे सुरक्षित रहें और उन्हें अपने आसपास होने वाली गलत गतिविधियों के प्रति जागरूक किया जा सके।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।