
नागौर में शिक्षाविदों की चेतावनी: मोबाइल और नशे से बच्चों को बचाने के लिए कड़े कदम जरूरी
Posted on 18 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा जगत में एक महत्वपूर्ण विमर्श के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों के भविष्य और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। आज के डिजिटल युग में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि संस्कारों का समावेश अनिवार्य है।
शिक्षा के साथ संस्कारों का महत्व
हाल ही में संपन्न एक महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा विशेषज्ञों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान शैक्षणिक परिवेश में 'शिक्षा के साथ संस्कार' का मॉडल अपनाना समय की मांग है। शिक्षकों और अभिभावकों का मानना है कि बीकानेर निदेशालय (शिक्षा विभाग) द्वारा भी समय-समय पर इस ओर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए जाते रहे हैं।
अभिभावकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश
बैठक में बच्चों में बढ़ती नशा प्रवृत्ति और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को लेकर गंभीर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर पेरेंट्स को सजग रहने की सलाह दी है:
- मोबाइल पर निगरानी: डिजिटल उपकरणों का उपयोग केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए सीमित करें। अनावश्यक सोशल मीडिया और गेमिंग बच्चों की एकाग्रता को प्रभावित कर रही है।
- नशे की रोकथाम: बाहरी गतिविधियों पर नजर रखें ताकि बच्चे किसी भी प्रकार की अनैतिक या व्यसनी संगति में न पड़ें।
- पाठ्यक्रम में सुधार: नैतिक शिक्षा को मुख्य पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की वकालत की गई है, ताकि विद्यार्थी अनुशासित और संस्कारवान बन सकें।
शिक्षा विभाग के लिए संदेश
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में केवल पाठ्यक्रम पूरा करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए। जयपुर सचिवालय से लेकर स्थानीय शिक्षा कार्यालयों तक इस बात पर मंथन किया जाना चाहिए कि कैसे छात्रों में सामाजिक मूल्यों का विकास किया जाए। यदि समय रहते इन बुराइयों पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ी के बौद्धिक विकास पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
हमारी टीम लगातार इस विषय पर नज़र बनाए हुए है कि क्या आने वाले सत्र में शिक्षा विभाग नैतिक शिक्षा को लेकर कोई ठोस गाइडलाइन जारी करता है या नहीं। अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों के साथ संवाद बढ़ाएं और उनके दैनिक दिनचर्या पर बारीक नजर रखें।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।
