
नागौर: खंडेवला के सोनकच्छ रास्ते पर कीचड़, स्कूली बच्चों को भारी परेशानी
Posted on 23 जुलाई 2026
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नागौर। जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की चुनौतियां एक बार फिर सामने आ गई हैं। खंडेवला ग्राम पंचायत के सोनकच्छ गांव का मुख्य मार्ग इन दिनों दलदल में तब्दील हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों, विशेषकर स्कूल जाने वाले बच्चों और अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ और फिसलन के कारण यह रास्ता बेहद खतरनाक हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, बारिश के मौसम में सोनकच्छ गांव के रास्ते की हालत हर साल बिगड़ जाती है। सड़क पर पर्याप्त मुरम या गिट्टी न होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी जमा होकर मिट्टी को कीचड़ में बदल देता है। इस कारण पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह मार्ग किसी चुनौती से कम नहीं है। रोजमर्रा की जिंदगी पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, और सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं वे बच्चे जो अपनी शिक्षा के लिए प्रतिदिन इस रास्ते से होकर गुजरते हैं।
हर साल की यही कहानी
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि हर साल बारिश के दिनों में यह रास्ता इसी तरह कीचड़मय हो जाता है। मिट्टी गीली होकर दलदल में बदल जाती है, जिससे फिसलन इतनी बढ़ जाती है कि बच्चों को स्कूल जाते और आते समय संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े खराब होने के साथ-साथ चोटिल होने का भी डर बना रहता है। सुबह स्कूल के समय छोटे बच्चों को बेहद संभलकर चलना पड़ता है, और उनके अभिभावकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
खतरनाक बना रास्ता, अभिभावक चिंतित
इस रास्ते की खराब स्थिति के कारण दोपहिया वाहन चालकों को भी भारी जोखिम उठाना पड़ता है। कीचड़ उछलने से पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के संबंध में कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को अवगत कराया गया है। पूर्व में खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल को भी इस रास्ते की बदहाली के बारे में बताया गया था, लेकिन लगभग 10 महीने बीत जाने के बाद भी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है, क्योंकि हर दिन उन्हें इस खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगे हैं:
- रास्ते पर तुरंत मुरम और गिट्टी डलवाकर आवागमन को सुचारु बनाया जाए।
- दीर्घकालिक समाधान के लिए सड़क का निर्माण कराया जाए।
- बारिश के पानी की उचित निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए।
हमारी टीम लगातार इस समस्या पर नजर बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे जल्द से जल्द इस गंभीर मुद्दे का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करें ताकि सोनकच्छ गांव के निवासियों, विशेषकर हमारे भविष्य यानी स्कूली बच्चों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके और वे सुरक्षित रूप से अपनी शिक्षा जारी रख सकें।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।