
नागौर: रेलवे अस्पताल की लचर व्यवस्था के खिलाफ पेंशनर्स का प्रदर्शन, सुधरेगी सेहत सेवा?
Posted on 7 अगस्त 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शुक्रवार को जिले के रेलवे अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर पेंशनर्स ने मोर्चा खोल दिया है। ऑल इंडिया रेलवे पेंशनर्स वेलफेयर फेडरेशन के बैनर तले बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने रेलवे स्टेशन से रैली निकाली और केंद्रीय अस्पताल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
बुजुर्गों की पीड़ा: लंबी कतारें और डॉक्टरों की लेटलतीफी
प्रदर्शनकारी पेंशनर्स ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं:
- समय पर ओपीडी नहीं: डॉक्टरों के समय पर नहीं आने से बुजुर्गों को घंटों तक लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है।
- दवाइयों का संकट: लोकल खरीद वाली दवाइयां मिलने में कई दिनों का इंतजार करना पड़ता है, जबकि बाहरी लोग अनुचित लाभ उठा रहे हैं।
- रेफर प्रक्रिया में जटिलता: गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पताल रेफर करने में अनावश्यक कागजी कार्रवाई और फोटोकॉपी की मांग की जा रही है।
- विशेषज्ञों का पलायन: कुशल प्रबंधन के अभाव में कई विशेषज्ञ डॉक्टर रेलवे सेवा छोड़कर जा रहे हैं, जिससे भविष्य में इलाज का संकट गहरा सकता है।
निदेशक को सौंपा ज्ञापन
आक्रोशित पेंशनर्स ने चिकित्सा निदेशक डॉ. संजय साहा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अस्पताल की कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार नहीं हुआ, तो आगामी दिनों में इसे लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। मेडिकल रीइंबर्समेंट के लंबित मामलों को लेकर भी विभाग पर सवाल उठाए गए, जहां भुगतान में देरी और कटौती से पेंशनर्स खासे नाराज हैं।
प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल
हमारी टीम को मिली जानकारी के अनुसार, पेंशनर्स ने आरोप लगाया कि रेलवे बोर्ड के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर नियमों को ताक पर रखकर बुजुर्गों को परेशान किया जा रहा है। पेंशनर्स ने मांग की है कि जयपुर सचिवालय और रेलवे प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप कर चिकित्सा सुविधाओं को दुरुस्त करे। प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि सुधार होने तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।