
डीडवाना के बांगड़ कॉलेज में 'हरियालो राजस्थान' अभियान: छात्रों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
Posted on 27 जुलाई 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे डीडवाना संवाददाता के अनुसार, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल 'हरियालो राजस्थान' अभियान को गति देते हुए, राजकीय बांगड़ महाविद्यालय, डीडवाना में सोमवार को एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यह महत्वपूर्ण आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसका प्राथमिक उद्देश्य महाविद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना था। हमारी टीम का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम न केवल परिसर की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि युवाओं में पर्यावरणीय नैतिकता भी विकसित करते हैं।
पर्यावरण संरक्षण की नैतिक जिम्मेदारी
महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के छायादार और सजावटी पौधे लगाए गए, जिनमें नीम, पीपल, गुलमोहर, अशोक और गुलाब के पौधे प्रमुख थे। ये पौधे भविष्य में परिसर को शीतलता और सौंदर्य प्रदान करेंगे। इस अवसर पर, महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मनीषा गोदारा ने वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बलपूर्वक कहा कि यह हमारी भावी पीढ़ियों के लिए एक नैतिक जिम्मेदारी है कि हम प्रकृति का संरक्षण करें और उसे समृद्ध करें। डॉ. गोदारा ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लें, ताकि वे पनप सकें और पर्यावरण को लाभान्वित कर सकें।
सामूहिक सहभागिता और संकल्प
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें डॉ. चेनाराम मुंदलिया, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. के.के. मिश्रा, प्रो. अनुराग झंवर और प्रो. फतेह सिंह शामिल थे। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कुलदीप शर्मा और डॉ. अंतिमा अग्रवाल, तथा एनसीसी अधिकारी प्रो. जेठाराम भी अपनी टीमों के साथ उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया।
महत्वपूर्ण चर्चाएं और जागरूकता
वृक्षारोपण के साथ-साथ, कार्यक्रम में पर्यावरण से जुड़े विभिन्न गंभीर मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व, जल संरक्षण की आवश्यकता, जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों और वृक्षों के हमारे जीवन में अमूल्य योगदान पर अपने विचार साझा किए। इन चर्चाओं का उद्देश्य छात्रों को इन विषयों पर शिक्षित करना और उन्हें समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थित जनों ने एक सामूहिक संकल्प लिया। उन्होंने यह प्रण लिया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे और उनके संरक्षण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। हमारी टीम का मानना है कि यह पहल डीडवाना क्षेत्र में हरित क्रांति लाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को भी ऐसे आयोजनों के लिए प्रेरित करेगी।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।