
राजस्थान शिक्षा विभाग: जर्जर स्कूलों पर बड़ा फैसला, 63 असुरक्षित भवनों को गिराने के निर्देश
Posted on 25 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर एक कड़ा और अहम फैसला लिया है। राजस्थान में मानसून सत्र के दौरान स्कूलों की जर्जर इमारतों से जुड़ी किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
असुरक्षित भवनों पर प्रशासन की सख्ती
हाल ही में जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेशों में उन स्कूल भवनों को चिन्हित किया गया है जो वर्तमान में उपयोग के लिए असुरक्षित हैं। कलेक्टर स्तर से जारी इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी और स्थानीय पंचायत समितियों से मिली रिपोर्टों के आधार पर राज्य भर में उन 63 जर्जर कक्षों और भवनों को ध्वस्त करने की मंजूरी दी गई है, जिन्हें तकनीकी जांच में 'खतरनाक' श्रेणी में रखा गया है।
विभाग ने क्या कहा?
बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, स्थानीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देशित किया गया है कि किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित उपखंड अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 15 दिनों की डेडलाइन दी गई है कि वे निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर इन भवनों को तुरंत प्रभाव से खाली करवाएं और ध्वस्त करें।
शिक्षकों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- सुरक्षा सर्वोपरि: यदि आपके नजदीकी विद्यालय का भवन जर्जर है, तो उसे तत्काल विद्यालय रिकॉर्ड में दर्ज कर शिक्षा विभाग को सूचित करें।
- वैकल्पिक व्यवस्था: भवन गिराए जाने के दौरान वैकल्पिक कमरों या नजदीकी सुरक्षित भवन में कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
- समय सीमा: जिला प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर इस पर कार्रवाई कर पालन रिपोर्ट मांगी है।
शिक्षा विभाग के आगामी कदम
आगामी दिनों में शिक्षा विभाग उन सभी स्कूलों की मैपिंग करने जा रहा है जहां भवन निर्माण या मरम्मत की तत्काल आवश्यकता है। RPSC अजमेर और जयपुर सचिवालय से मिल रहे फीडबैक के बाद, राज्य भर के स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर ऑडिट की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। अभिभावकों से अपील है कि वे शाला दर्पण पोर्टल पर अपने स्कूल की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करते रहें और किसी भी असुरक्षित भवन की सूचना तुरंत अपने स्थानीय ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दें। हमारी टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही संबंधित क्षेत्रों में ध्वस्तिकरण की प्रक्रिया शुरू होगी, आपको अपडेट दिया जाएगा।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।