
राजस्थान में 346 महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों में फिर शुरू होगा हिंदी मीडियम!
Posted on 21 जुलाई 2026
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जयपुर/नागौर: राजस्थान के सरकारी महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में लगातार घटती छात्र संख्या ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इसी समस्या के समाधान के लिए अब कम नामांकन वाले अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में एक बार फिर से हिंदी माध्यम की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस महत्वपूर्ण निर्णय का उद्देश्य विद्यालयों के संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों को उनकी प्राथमिकता के अनुसार शिक्षा का माध्यम चुनने का विकल्प उपलब्ध कराना है।
प्रदेश के 346 स्कूल दायरे में, जिला शिक्षा अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, इस नए सरकारी निर्णय के दायरे में प्रदेशभर के लगभग 346 महात्मा गांधी सरकारी स्कूल आ रहे हैं। शुरुआती चरण में कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ संभाग के 11 ऐसे स्कूलों की पहचान की गई है, जहां कुल विद्यार्थियों का नामांकन 70 से भी कम पाया गया है। इनमें बारां जिले के सात, बूंदी के दो और कोटा व झालावाड़ का एक-एक स्कूल शामिल है। यह नीति पूरे राज्य के लिए लागू होगी और नागौर जिले के ऐसे स्कूलों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है, जहां अंग्रेजी माध्यम में विद्यार्थियों की अपेक्षित संख्या नहीं पहुंच पाई है।
बीकानेर निदेशालय ने शिक्षा विभाग के जयपुर सचिवालय से प्राप्त निर्देशों के बाद सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों (CDOs) को इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग यह जानना चाहता है कि अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित होने के बाद इन विद्यालयों में छात्र संख्या में वृद्धि हुई है या कमी आई है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी कदम उठाए जाएंगे।
सरकार का व्यावहारिक कदम: शिक्षा विभाग
शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने इस कदम को 'व्यावहारिक' बताया है। उनका कहना है कि इससे विद्यालयों में खाली पड़ी कक्षाओं और अन्य संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग हो सकेगा। यह निर्णय उन अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए भी राहत लेकर आएगा, जो अंग्रेजी माध्यम में बच्चों को पढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं या जिनके बच्चे हिंदी माध्यम में ही सहज महसूस करते हैं। विभाग का मानना है कि इससे बच्चों को अपनी पसंद के माध्यम में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और सरकारी स्कूलों की पहुँच व स्वीकार्यता भी बढ़ेगी।
प्रमुख बिंदु:
- नीतिगत बदलाव: राजस्थान के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कम नामांकन के कारण अब हिंदी माध्यम की कक्षाएं फिर से शुरू होंगी।
- प्रभावित स्कूल: प्रदेशभर में करीब 346 स्कूल इस दायरे में आ रहे हैं, जहाँ नामांकन 70 से कम है।
- आधिकारिक निर्देश: जयपुर सचिवालय के आदेशों के बाद बीकानेर निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
- उद्देश्य: विद्यालयों के संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना और विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम का विकल्प प्रदान करना।
- छात्रों को लाभ: हिंदी माध्यम में पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश मिल सकेगा।
हमारी टीम लगातार इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक नीति पर नज़र बनाए हुए है और जैसे ही नागौर जिले के संबंध में कोई विशेष अपडेट आएगा, हम आपको तुरंत सूचित करेंगे। यह कदम निश्चित रूप से राज्य के शिक्षा परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव लाएगा, जिससे सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।