
मकराना में शिक्षा-आयकर विभाग का हरित संकल्प: राजकीय स्कूल में पौधारोपण अभियान
Posted on 24 जुलाई 2026
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हमारे मकराना संवाददाता के अनुसार, राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी ‘हरित राजस्थान’ अभियान और ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल को मजबूत करते हुए, शिक्षा विभाग और आयकर विभाग के अधिकारियों ने मकराना में एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह महत्वपूर्ण आयोजन शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, मकराना के परिसर में और साथ ही आयकर विभाग मकराना कार्यालय प्रांगण में संपन्न हुआ, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाई गई। हमारी टीम ने इस कार्यक्रम को कवर किया, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मिलकर एक हरित भविष्य की नींव रखी।
हरित राजस्थान अभियान को मिला सरकारी समर्थन
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना और आगामी पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान विशेष रूप से हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे भावनात्मक जुड़ाव के साथ-साथ पर्यावरण प्रेम भी बढ़ता है। मकराना में आयोजित इस कार्यक्रम ने इन अभियानों को स्थानीय स्तर पर एक नई ऊर्जा प्रदान की। अधिकारियों ने न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनकी सुरक्षा और संवर्धन का भी संकल्प लिया, जो किसी भी पौधारोपण कार्यक्रम की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
पौधरोपण सिर्फ शुरुआत, सुरक्षा हमारा संकल्प
इस अवसर पर आयकर अधिकारी रणवीर सिंह, राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के प्रधानाचार्य छोटूराम बाजडोलिया, दुर्गा प्रसाद व्यास और रामदेव पारीक सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सक्रिय भागीदारी की। इन सभी ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे, जिनमें स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधे शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान, सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने और उन्हें तब तक सुरक्षित रखने का संकल्प लिया जब तक वे पूर्ण विकसित पेड़ न बन जाएं। यह केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति दीर्घकालिक जिम्मेदारी का प्रतीक था।
आगामी पीढ़ियों के लिए हरित निवेश
आयकर अधिकारी रणवीर सिंह ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने वृक्षारोपण को एक ऐसे निवेश के रूप में वर्णित किया जिसका लाभ केवल वर्तमान पीढ़ी को ही नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी मिलता है। उनका यह बयान पर्यावरण संरक्षण के महत्व और भावी पीढ़ी के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी पर प्रकाश डालता है। उन्होंने जोर दिया कि हरे-भरे वातावरण का सीधा संबंध स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य से है, और इस दिशा में हर छोटा प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकता है।
पौधों का संरक्षण किसी तपस्या से कम नहीं
प्रधानाचार्य छोटूराम बाजडोलिया ने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों को पेड़ बनने तक सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसकी देखरेख करना है। उन्होंने इस कार्य को किसी तपस्या से कम नहीं बताया, क्योंकि इसमें धैर्य, समर्पण और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है। कार्यक्रम में आयकर विभाग के प्रकाश मुवाल, हिमांशु कुमावत सहित अन्य विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और विद्यालय स्टाफ के सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस हरित पहल को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। यह कार्यक्रम मकराना में पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है, जो हमें अपने आस-पास के वातावरण को हरा-भरा रखने के लिए प्रेरित करता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।