
राजस्थान में स्कूली वाहनों पर सख्त कार्रवाई: सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर होगी बड़ी कार्रवाई
Posted on 18 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर एक कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। हाल ही में विभिन्न जिलों में चलाए गए विशेष जांच अभियान के बाद, अब राज्य भर के सभी निजी और सरकारी स्कूल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि स्कूली वाहनों के परिचालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नियमों का पालन अनिवार्य
बीकानेर निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूली बसों और वैनों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करना अनिवार्य है। जांच के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है:
- वाहन फिटनेस और परमिट: प्रत्येक वाहन के पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र और परमिट होना आवश्यक है।
- सुरक्षा उपकरण: वाहन में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस सिस्टम, और प्राथमिक चिकित्सा किट (फर्स्ट एड बॉक्स) की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
- दस्तावेज: चालक का वैध लाइसेंस, बीमा और वाहन के सभी आवश्यक वैधानिक दस्तावेज पूर्ण होने चाहिए।
- क्षमता से अधिक बच्चे: किसी भी स्थिति में वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को नहीं बैठाया जा सकता।
स्कूल संचालकों और अभिभावकों के लिए संदेश
परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जयपुर सचिवालय के निर्देशानुसार, यदि कोई वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल प्रभाव से मोटर वाहन अधिनियम के तहत भारी जुर्माना और वाहन ज़ब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों की भूमिका
शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए केवल उन्हीं वाहनों का चयन करें जो पूरी तरह से सुरक्षित हैं और जिनके पास वैध परमिट है। किसी भी अनियमितता की जानकारी मिलने पर तुरंत स्थानीय परिवहन कार्यालय या स्कूल प्रबंधन को सूचित करें।
यह विशेष अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे समय-समय पर अपने वाहनों की स्वयं जांच करें ताकि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।
