
राजस्थान के 11 विश्वविद्यालयों में खुलेंगे राजस्थानी अध्ययन केंद्र: राज्यपाल ने दिए निर्देश
Posted on 29 जुलाई 2026
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राजस्थानी भाषा को मिलेगा नया मंच
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा जगत और राजस्थानी भाषा प्रेमियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण खबर है। प्रदेश के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने राज्य के 11 प्रमुख विश्वविद्यालयों में 'राजस्थानी अध्ययन केंद्र' (Rajasthani Study Centres) स्थापित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस कदम को राजस्थानी भाषा के संरक्षण और संवैधानिक मान्यता के लंबे संघर्ष में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
क्या होगा इससे बदलाव?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन केंद्रों के माध्यम से राजस्थानी भाषा को शैक्षिक और अकादमिक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। यहाँ मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
- शोध और डॉक्यूमेंटेशन: राजस्थानी भाषा के साहित्य, व्याकरण और इतिहास पर उच्च स्तरीय शोध कार्य को बढ़ावा मिलेगा।
- युवाओं को लाभ: नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा के प्रति जागरूक होगी। साथ ही, राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग तेज होने से भविष्य में आरपीएससी (RPSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भाषा के उपयोग के नए अवसर खुल सकते हैं।
- शैक्षणिक गति: विश्वविद्यालय स्तर पर राजस्थानी का अध्ययन-अध्यापन शुरू होने से प्रकाशन और अकादमिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
संवैधानिक मान्यता की मांग जारी
अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति ने इस फैसले का स्वागत किया है। समिति का मानना है कि डॉ. सीताराम लालस द्वारा तैयार किया गया 2.10 लाख शब्दों का विशाल राजस्थानी शब्दकोश इस भाषा की परिपक्वता का प्रमाण है। वर्षों से लंबित आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग अब फिर से जोर पकड़ रही है। जयपुर सचिवालय और शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार भी भाषा के द्वितीय राजभाषा के दर्जे पर विचार करने की दिशा में सकारात्मक है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों पर प्रभाव
शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए यह एक बड़ा अवसर है। आगामी समय में शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालयों द्वारा इन केंद्रों के लिए नियुक्तियां और शोध प्रोजेक्ट्स की घोषणा की जा सकती है। इससे राजस्थानी भाषा के जानकारों और भाषाविदों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। हम अपनी टीम के माध्यम से इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जैसे ही विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अधिकृत गाइडलाइंस जारी होंगी, हम आप तक सूचना पहुँचाएंगे।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।