
राजस्थान शिक्षा विभाग अपडेट: निजी स्कूलों की बड़ी मांगें, सरकार के खिलाफ हुआ प्रदर्शन
Posted on 28 जुलाई 2026
Listen News
Audio Summary
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राज्य भर में निजी शिक्षण संस्थानों से जुड़े संचालकों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हाल ही में हुए प्रदर्शनों के बाद अब शिक्षा जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
निजी स्कूलों की प्रमुख मांगें और सरकार पर दबाव
निजी स्कूल संघर्ष समिति ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक दबाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संचालकों का आरोप है कि निजी स्कूलों को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के बजाय अनावश्यक कानूनी और प्रशासनिक जटिलताओं में उलझाया जा रहा है।
प्रमुख बिंदु जो आमजन व शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण हैं:
- आर.टी.ई (RTE) भुगतान: निजी स्कूलों द्वारा आर.टी.ई के तहत पढ़ा रहे बच्चों का लंबित भुगतान तुरंत जारी करने की मांग की गई है।
- परिवहन नियम: स्कूल बसों की फिटनेस और परिवहन विभाग के नियमों को सरल बनाने की मांग की गई है ताकि स्कूल संचालकों को आर्थिक बोझ से राहत मिल सके।
- प्रशासनिक कार्रवाई: शाला संबल जांच प्रक्रिया को समाप्त करने और स्कूलों पर बार-बार होने वाली अनावश्यक विभागीय कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग उठाई गई है।
- भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र: केवल 30 वर्ष से अधिक पुराने स्कूल भवनों के लिए ही यह प्रमाण-पत्र अनिवार्य करने का आग्रह किया गया है।
- फीस और टी.सी: बिना फीस टी.सी जारी करने संबंधी आदेशों को वापस लेने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
शिक्षा विभाग पर असर
बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय तक पहुंचाई गई इन मांगों पर यदि सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो राजस्थान भर के निजी स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। शिक्षकों और संचालकों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
वर्तमान में स्कूलों का संचालन सुचारू है, लेकिन अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय स्तर पर स्कूल खुलने या बंद होने की स्थिति पर नजर बनाए रखें, क्योंकि आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शनों के व्यापक होने की संभावना है। हमारी टीम शिक्षा विभाग से जुड़े इन अपडेट्स पर लगातार नजर रखे हुए है।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।