
जायल में सेवानिवृत्त शिक्षक ने छात्रों को बांटी स्टेशनरी किट, प्रेरणा का नया अध्याय
Posted on 25 जुलाई 2026
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नागौर। शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा धन मानते हुए और नियमित अध्ययन को सफलता की कुंजी बताते हुए, जायल तहसील के जसनगर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में एक सेवानिवृत्त शिक्षक ने अनूठी पहल की है। हमारे जायल संवाददाता के अनुसार, शनिवार, 25 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त शिक्षक रतनलाल लामरोड ने स्कूल के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आवश्यक स्टेशनरी किट वितरित की, जिससे छात्रों के चेहरों पर खुशी और सीखने के प्रति नया उत्साह दिखाई दिया।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना था। वितरित की गई किट में पेन, पेंसिल, रबर, स्केल, कॉपी, रंग और ड्राइंग शीट जैसी आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं, जो छात्रों को उनकी दैनिक पढ़ाई में काफी मदद करेंगी।
शिक्षा ही सबसे बड़ा धन: रतनलाल लामरोड
इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए रतनलाल लामरोड ने अपने अनुभव साझा किए और शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अनुशासन, कड़ी मेहनत और नियमित पढ़ाई ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे किसी भी परिस्थिति में शिक्षा से मुंह न मोड़ें। लामरोड ने छात्रों को यह भी बताया कि संसाधनों की कमी कभी भी उनके सीखने के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि मन में लगन और सीखने की इच्छा हो, तो सभी बाधाओं को पार किया जा सकता है।” उनके इन प्रेरणादायी शब्दों ने विद्यार्थियों में नया जोश भर दिया।
समुदाय से सहयोग का आह्वान
स्कूल के प्रधानाचार्य शहाबुद्दीन ने लामरोड के इस निःस्वार्थ कार्य की हृदय से सराहना की। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा के प्रति उनका यह समर्पण वास्तव में समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानाचार्य ने समाज के सक्षम और जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे भी इस तरह के पुनीत कार्यों के लिए आगे आएं और विद्यालयों से जुड़कर छात्रों का उत्साहवर्धन करें। उनका मानना था कि समुदाय के सहयोग से ही शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाया जा सकता है तथा हर बच्चे को बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और छात्रों की प्रतिक्रिया
इस गरिमामय कार्यक्रम में किसना राम मुंडेल, मल्लाराम चौधरी, राजेश रोज, लक्ष्मण सिंह जोधा, चेनाराम मुंडेल, रेखाराम मेघवाल और तेजाराम जाट सहित स्कूल के समस्त शिक्षक भी मौजूद रहे। सभी ने रतनलाल लामरोड के इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की और उन्हें धन्यवाद दिया।
स्टेशनरी किट पाकर विद्यार्थियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने अध्ययन सामग्री प्राप्त करने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और भविष्य में और अधिक मन लगाकर पढ़ाई करने का संकल्प लिया। स्कूल परिवार ने रतनलाल लामरोड के सामाजिक और शैक्षणिक योगदान के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया, यह दर्शाता है कि एक व्यक्ति का छोटा सा प्रयास भी बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकता है। यह घटना जसनगर में शिक्षा के प्रति समर्पण और सामुदायिक भावना का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।