
राजस्थान में थर्ड ग्रेड शिक्षकों की बड़ी मांग: गृह जिले में ट्रांसफर और भर्ती में प्राथमिकता की अपील
Posted on 19 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के थर्ड ग्रेड शिक्षकों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज उठाई है। शिक्षकों ने मुख्य सचेतक को ज्ञापन सौंपकर गृह जिले में स्थानांतरण और आने वाली शिक्षक भर्तियों में अपने गृह जिले को प्राथमिकता देने की मांग की है। यह मुद्दा प्रदेशभर के हजारों शिक्षकों को प्रभावित कर रहा है, जो कई वर्षों से अपने मूल जिलों से दूर सेवाएं दे रहे हैं।
लंबे समय से रुके हुए हैं तबादले, शिक्षकों में गहरा असंतोष
शिक्षक समुदाय में इस बात को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है कि थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण पिछले काफी समय से रुके हुए हैं। इससे विशेषकर ऐसे शिक्षकों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें परिवार और गृह स्थान से दूर दुर्गम क्षेत्रों में पदस्थापित किया गया है। वर्तमान में, कई शिक्षक अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर कार्यरत हैं, जिससे न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन पर असर पड़ रहा है, बल्कि यह उनके शिक्षण कार्य की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। शिक्षकों का तर्क है कि गृह जिले में काम करने से वे अपने परिवार के साथ बेहतर तालमेल बिठा पाएंगे और शिक्षण कार्य में अधिक समर्पण के साथ योगदान दे सकेंगे।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें:
- जिले के अंदर ट्रांसफर: शिक्षकों ने पहले चरण में थर्ड ग्रेड शिक्षकों के लिए जिले के अंदर स्थानांतरण प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे 'डार्क जोन' में कार्यरत शिक्षकों को भी अपने गृह जिले में वापस लौटने का अवसर मिलेगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस प्रक्रिया से जिलों में स्वीकृत पदों की संख्या पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था भी सुचारु रहेगी।
- नई भर्ती में गृह जिले को प्राथमिकता: आने वाली थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में उन उम्मीदवारों को ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थापन में प्राथमिकता देने की मांग की गई है, जिन्होंने अपने आवेदन में गृह जिले का विकल्प चुना है। यह कदम उन उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है जो अपने गृह क्षेत्र में ही सेवा देना चाहते हैं।
- अन्य पोस्टिंग प्रक्रियाओं में प्राथमिकता: शिक्षकों ने यह भी मांग की है कि शिक्षा विभाग की स्टाफिंग पैटर्न, 6-डी, 3-बी और डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) सहित सभी प्रकार की पदस्थापन प्रक्रियाओं में गृह जिले के कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाए। यह मांग विभागीय नीतियों में एकरूपता और कर्मचारियों के कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय से हस्तक्षेप की उम्मीद
शिक्षकों ने अपनी सभी मांगों को मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को सौंपते हुए जल्द से जल्द इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उम्मीद की जा रही है कि बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेगा और शिक्षकों के हित में उचित निर्णय करेगा। इस तरह की नीतियों से न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। हमारी टीम इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, हम आपको तुरंत अवगत कराएंगे।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।