
जोधपुर में निजी स्कूल प्रिंसिपल की शर्मनाक करतूत: महिला टीचर से छेड़छाड़, परिजनों ने मुंह काला कर पीटा, गिरफ्तार
Posted on 22 जुलाई 2026
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जोधपुर से एक निजी स्कूल में महिला टीचर के साथ छेड़छाड़ और अभद्रता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्कूल के प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने छुट्टी के बाद एक 19 वर्षीय नवयुवती टीचर को जबरन रोककर उससे शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और परिजनों ने स्कूल पहुंचकर आरोपी प्रिंसिपल का मुंह काला कर दिया, साथ ही कुछ छात्रों ने उसकी पिटाई भी की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एक निजी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने जाती है। घटना सोमवार, 20 जुलाई 2026 की है, जब स्कूल की छुट्टी होने के बाद सभी बच्चे और बाकी स्टाफ चले गए, तो प्रिंसिपल ने उसे जबरन रोक लिया। आरोप है कि प्रिंसिपल ने युवती को इंटरव्यू लेने के बहाने अपने कमरे में बुलाया और स्कूल के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए। इसके बाद उसने महिला टीचर पर अश्लील बातें कहकर गलत काम करने और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला।
प्रिंसिपल ने कथित तौर पर पीड़िता से दोस्ती करने, 'फ्रीडम' चाहने और उसका भविष्य बनाने का प्रलोभन दिया, साथ ही पढ़ाई में मदद करने और इच्छानुसार क्लास देने का भी आश्वासन दिया। किसी तरह पीड़िता उसके चंगुल से बचकर घर पहुंची।
परिजनों ने उठाया कठोर कदम
मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को पीड़िता जब स्कूल नहीं गई और गुमसुम रहने लगी, तब परिजनों ने उससे पूछताछ की। पूरी घटना सामने आने के बाद परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बुधवार, 22 जुलाई 2026 की सुबह परिजन पहले पुलिस चौकी पहुंचे और फिर थाने में प्रिंसिपल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के बाद आक्रोशित परिजन सीधे स्कूल पहुंचे। वहां उन्होंने आरोपी प्रिंसिपल का मुंह काला कर दिया और घटना से क्षुब्ध कुछ छात्रों ने भी उसकी पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
नई-नई थी नौकरी, भाई को भेजा घर
पीड़िता ने बताया कि वह स्कूल में पहले दिन ही पढ़ाने के लिए गई थी। उसने इसी स्कूल से अपनी 10वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की थी। पीड़िता का छोटा भाई भी उसी स्कूल में पढ़ता है। जब भाई अपनी बहन को बुलाने आया, तो आरोपी प्रिंसिपल ने उसे घर भेज दिया और कहा कि उसकी बहन 2 घंटे बाद आएगी। इसी दौरान आरोपी ने युवती को कमरे में ले जाकर बंद कर दिया और उसका हाथ पकड़कर जबरदस्ती करने की कोशिश की। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसने जैसे-तैसे उसके चंगुल से छूटकर अपनी जान बचाई।
शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय
यह घटना शिक्षा जगत में शिक्षकों, विशेषकर महिला शिक्षकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। निजी स्कूलों में इस प्रकार की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और शिक्षा विभाग को ऐसे संस्थानों पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता है। हमारी टीम DailyDhandora इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर पैनी नजर बनाए हुए है और लगातार अपडेट साझा करती रहेगी।
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, ऐसी घटनाओं से शिक्षकों का मनोबल गिरता है और कार्यस्थल पर असुरक्षा का माहौल बनता है। सभी शैक्षणिक संस्थानों को अपने स्टाफ और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त नीतियां और निवारण तंत्र अपनाने चाहिए।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।