
राजस्थान शिक्षा विभाग: डाइट में 18 विद्यालयों के संस्था प्रधानों की विशेष कार्यशाला
Posted on 29 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षा विभाग राजस्थान द्वारा प्रदेश भर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, डाइट (DIET) स्तर पर आयोजित एक दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला में चयनित राजकीय विद्यालयों के संस्था प्रधानों को आधुनिक शिक्षण विधियों और प्रशासनिक दक्षता के गुर सिखाए गए।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु और रणनीति
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, क्वालिटी सपोर्ट प्रोग्राम के तहत 18 चयनित विद्यालयों के संस्था प्रधानों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में अकादमिक सुधार करना और बोर्ड कक्षाओं के परिणामों को बेहतर बनाना है। विभाग द्वारा बीकानेर निदेशालय और जयपुर सचिवालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विद्यालय संचालन में पारदर्शिता और नवाचार लाने पर जोर दिया गया।
क्वालिटी सपोर्ट प्रोग्राम के चार स्तंभ
कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा विद्यालय प्रबंधन के चार महत्वपूर्ण स्तंभों पर विस्तार से चर्चा की गई:
- विद्यार्थी संवर्धन: छात्रों की अधिगम क्षमता और सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना।
- शिक्षक संवर्धन: शिक्षकों को 'द टीचर ऐप' के माध्यम से नई तकनीकों से जोड़ना।
- विद्यालय वातावरण: सकारात्मक और सीखने के अनुकूल शैक्षिक माहौल तैयार करना।
- सामुदायिक सहभागिता: विद्यालय और अभिभावकों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करना।
शिक्षकों के लिए संदेश
कार्यशाला में स्पष्ट किया गया कि बोर्ड कक्षाओं के अकादमिक स्तर में वृद्धि के लिए संस्था प्रधानों को विशेष रणनीति अपनानी होगी। इसके तहत विद्यार्थियों को न केवल पाठ्यक्रम के प्रति जागरूक करना है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी सक्षम बनाना है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का अधिकतम उपयोग करें ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में कोई कमी न रहे। हमारी टीम इस दिशा में विभाग द्वारा जारी होने वाले आगामी अपडेट्स पर भी नजर बनाए हुए है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।