
शिक्षा मंत्री का पूर्व शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला: डोटासरा पर गंभीर आरोप, अंग्रेजी माध्यम स्कूलों पर भी सवाल
Posted on 18 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हाल ही में कोटा में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर जमकर निशाना साधा है। मंत्री दिलावर ने डोटासरा को 'झूठा और महाभ्रष्ट' बताते हुए उन पर अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के नाम पर प्रदेश के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। शिक्षा विभाग में बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर राज्य की शिक्षा नीतियों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गहन बहस छेड़ रहा है।
अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की नीति पर सवाल
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लखावा में एक नवनिर्मित क्लासरूम के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पिछली सरकार की अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की नीति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने पूरे राजस्थान में अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलने का झूठा प्रचार किया। दिलावर के अनुसार, कोई नए अंग्रेजी स्कूल नहीं खोले गए, बल्कि चल रहे हिंदी माध्यम के स्कूलों पर जबरन अंग्रेजी के बोर्ड लगवा दिए गए। इससे न तो वहां अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक उपलब्ध कराए गए और न ही कोई बुनियादी ढांचा या व्यवस्था स्थापित की गई।
मंत्री दिलावर ने स्पष्ट किया कि इस फैसले से हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों के बच्चों का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वे अंग्रेजी या किसी भी भाषा सीखने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसके लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा और संसाधन तैयार किए जाने चाहिए थे। इस स्थिति ने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डाला है, जिसे हमारी सरकार सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर खुली चुनौती
गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा वर्तमान सरकार और शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार करते हुए, मंत्री दिलावर ने उन्हें खुली चुनौती दी। दिलावर ने कहा कि डोटासरा ने दावा किया था कि शिक्षा विभाग में तबादलों के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है। इस पर उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, 'आप मदन दिलावर पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप साबित कर दें, मैं उसी दिन राजनीति छोड़ दूंगा।'
उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके स्टाफ या विभाग में किसी अन्य के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का कोई सबूत सामने आता है, तो वे उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे। दिलावर ने यह भी दोहराया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वे स्वयं भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और प्रशासन में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के बयान का जिक्र
मंत्री दिलावर ने डोटासरा पर तंज कसते हुए पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का एक वाकया भी याद दिलाया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में स्वयं तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षकों के एक बड़े सम्मेलन में सार्वजनिक मंच से पूछा था, 'डोटासरा जी ट्रांसफर के पैसे तो नहीं लेते हैं?' दिलावर ने कहा कि तब हॉल में मौजूद हजारों शिक्षकों ने एक सुर में 'हां, पैसे चलते हैं' कहकर जवाब दिया था।
दिलावर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के सामने जनता और शिक्षकों ने खुद यह स्वीकार किया था कि डोटासरा के कार्यकाल में किस तरह तबादला उद्योग फल-फूल रहा था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिसका खुद का कार्यकाल उनके ही मुख्यमंत्री द्वारा प्रमाणित भ्रष्टाचार का गवाह रहा हो, वह आज दूसरों के चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं। हमारी टीम इस पूरे घटनाक्रम पर गहनता से नजर बनाए हुए है और शिक्षा विभाग में भविष्य के सुधारों पर आगे भी रिपोर्ट करती रहेगी।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।