
राजस्थान शिक्षा विभाग: पदोन्नत प्रधानाचार्यों और उप-प्रधानाचार्यों की पोस्टिंग को लेकर बड़ा अपडेट
Posted on 23 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राजस्थान के शिक्षा महकमे में पदोन्नति पा चुके हजारों अधिकारियों और शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण मांग जोर पकड़ रही है। राज्य सरकार की ओर से पदोन्नति सूची जारी किए जाने के बाद भी एक बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रैंक के अधिकारी अभी भी अपनी नियुक्ति के आदेशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
राजस्थान समग्र शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को ज्ञापन सौंपकर इस गंभीर प्रशासनिक विसंगति को दूर करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि शिक्षा विभाग में प्रशासनिक रिक्तियों के चलते स्कूलों के संचालन और विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
प्रमुख मांगें और आंकड़े:
- प्रधानाचार्य पद: लगभग 3800 प्रधानाचार्यों की पदोन्नति को एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है।
- उप-प्रधानाचार्य: सितंबर 2025 में पदोन्नत किए गए 11,000 उप-प्रधानाचार्य भी अभी तक पदस्थापन आदेशों की बाट जोह रहे हैं।
- DEO रैंक: 144 जिला शिक्षा अधिकारी रैंक के पदों पर पदोन्नति के बावजूद अधिकारी कार्यभार ग्रहण नहीं कर पा रहे हैं।
आपके लिए इसका क्या अर्थ है?
शिक्षा विभाग के इस स्थगन का सीधा असर प्रदेश भर के स्कूलों पर पड़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों की कमी के कारण स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता और समयबद्धता पर सवाल उठ रहे हैं। यदि बीकानेर निदेशालय (Bikaner Nideshalaya) और जयपुर सचिवालय (Jaipur Sachivalaya) से जल्द ही इन शिक्षकों को पोस्टिंग दी जाती है, तो स्कूलों में प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
शिक्षक वर्ग के लिए आगे क्या?
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि पदस्थापन में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को दूर नहीं किया गया, तो विभाग का कामकाज और अधिक प्रभावित हो सकता है। हमारी टीम शिक्षा विभाग की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी प्रकार की आधिकारिक सूची या पोस्टिंग ऑर्डर जारी होने की सूचना आपको सबसे पहले डेली ढिंढोरा पर मिलेगी। हम उम्मीद करते हैं कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेंगे।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।