
राजस्थान शिक्षा विभाग अलर्ट: भारी बारिश से स्कूलों में जलभराव, छात्रों की सुरक्षा पर संकट
Posted on 23 जुलाई 2026
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हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, राज्य भर में हो रही भारी मानसूनी बारिश का असर अब शिक्षण संस्थानों पर सीधे तौर पर दिखाई देने लगा है। शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के कई राजकीय विद्यालयों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, जिससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई बाधित हो रही है।
विद्यालय परिसर बने तालाब, आवागमन हुआ मुश्किल
हालिया बारिश के बाद विद्यालयों के परिसरों में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। गोविंदपुरा और आसपास के क्षेत्रों में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रांगण में पानी भरने से छात्राओं और शिक्षकों का आवागमन पूरी तरह से प्रभावित है। कक्षाओं के बाहर जलभराव के कारण छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की नौबत तक आ गई। मुख्य समस्याओं में शामिल हैं:
- विद्यालय भवनों के निर्माण में जल निकासी (ड्रेनेज) प्रणाली का अभाव।
- मैदानी क्षेत्रों में पानी जमा होने से स्कूल परिसर का तालाब में तब्दील होना।
- ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क कटने से बच्चों का स्कूल पहुंचना हुआ असंभव।
शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की इस समस्या के बारे में स्थानीय स्तर पर शिक्षा विभाग को कई बार अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। आज स्थिति यह है कि न केवल स्कूल, बल्कि आवासीय कॉलोनियों में भी दो फीट तक पानी जमा हो गया है। इसके चलते अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्याप्त है।
क्या है शिक्षा विभाग के निर्देश?
बीकानेर निदेशालय (शिक्षा विभाग) के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जिन क्षेत्रों में जलभराव के कारण विद्यार्थियों का आवागमन जोखिम भरा है, वहां स्थानीय स्तर पर संस्था प्रधानों को विवेकपूर्ण निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।
- सुरक्षा सर्वोपरि: यदि विद्यालय परिसर में जलभराव अधिक है, तो संस्था प्रधान स्थानीय प्रशासन से समन्वय कर विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
- अध्यापन कार्य: यदि स्कूल में पढ़ाई संभव नहीं है, तो वैकल्पिक व्यवस्था या ऑनलाइन माध्यमों के उपयोग पर विचार किया जाए।
- रिपोर्टिंग: संस्था प्रधानों को अपने क्षेत्र की स्थिति के बारे में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय को तुरंत सूचित करने के आदेश दिए गए हैं।
हमारी टीम लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अभिभावकों से आग्रह है कि वे स्कूल भेजने से पहले स्थानीय मौसम और जलभराव की स्थिति का आकलन अवश्य करें।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।