
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन: मानदेय पर अटका फैसला, जानिए क्या है अपडेट
Posted on 20 जुलाई 2026
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जयपुर: सोमवार को जयपुर सचिवालय के बाहर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का प्रदर्शन देखने को मिला। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही इन महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और बाद में रिहा कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से आंगनवाड़ी कर्मियों के नियमितीकरण, मानदेय में वृद्धि और गैर-आईसीडीएस कार्यों से मुक्ति की मांगों को लेकर था।
आंदोलन की पृष्ठभूमि और समझौता
अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर यह आंदोलन 1 जुलाई से चल रहा था। 1 से 6 जुलाई तक कार्य बहिष्कार किया गया और फिर 7 से 18 जुलाई तक आम हड़ताल व ताला बंदी की गई। 18 जुलाई को विभाग और कर्मचारी संघ के बीच एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत ग्रेच्युटी से संबंधित आदेश जल्द जारी करने और अन्य राज्यों में दिए जा रहे मानदेय का अध्ययन कर तीन महीने के भीतर मानदेय बढ़ाने पर निर्णय लेने की सहमति बनी थी। विभाग की ओर से निदेशक वासुदेव मालावत और अतिरिक्त निदेशक दीनानाथ बब्बल, तथा संघ की ओर से संस्थापक छोटीलाल बुनकर, संरक्षक विनीता शेखावत, प्रदेशाध्यक्ष रचना शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के बाद हड़ताल समाप्त करने की घोषणा भी की गई थी।
समझौते पर असंतोष और नई मांगें
हालांकि, कुछ आंगनवाड़ी कर्मियों के बीच समझौते को लेकर असंतोष बना हुआ है। उनकी मुख्य चिंता यह है कि समझौते में मानदेय बढ़ोतरी की राशि स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं की गई है। इसी कारण सोमवार को एक बार फिर प्रदर्शन हुआ।
अन्य राज्यों से तुलना और राजस्थान की स्थिति
प्रदर्शनकारी कर्मियों का कहना है कि राजस्थान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलने वाला मानदेय अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है। मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में आंगनवाड़ी कर्मियों को 11,000 से 20,000 रुपये तक मानदेय मिलता है। वहीं, राजस्थान में यह राशि लगभग 6,500 से 10,500 रुपये के बीच है। उन्होंने मांग की है कि अन्य राज्यों के समान मानदेय तय कर जल्द आदेश जारी किए जाएं।
क्या है अपडेट?
यह मामला अब मानदेय बढ़ोतरी पर स्पष्टता का है। विभाग द्वारा तीन महीने के भीतर मानदेय वृद्धि पर निर्णय लेने के वादे के बावजूद, कर्मी बढ़ी हुई राशि को लेकर स्पष्टता चाहते हैं। इस मुद्दे पर आगे की प्रगति पर नजर रहेगी।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।