
केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे पर राजस्थान में कांग्रेस का मार्च
Posted on 25 जुलाई 2026
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शनिवार को, नागौर में राजनीतिक हलचल के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने एक 'विजय मार्च' का आयोजन किया। इस मार्च को छात्रों के संघर्ष की जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिन्होंने हाल ही में NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दों को उठाया था।
आयोजन का विवरण
यह मार्च शनिवार शाम कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ और अंबेडकर पार्क तक चला, जहाँ डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर इसे समाप्त किया गया। इस दौरान, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौजूद रहा।
कांग्रेस का पक्ष
मार्च के समापन पर, कांग्रेस जिला अध्यक्ष और टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने कहा कि पार्टी लगातार परीक्षाओं में धांधली के मुद्दों को उठाती रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को छात्रों की जीत और सरकार पर दबाव का परिणाम बताया।
उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
इस कार्यक्रम में हिंडौन विधायक अनीता जाटव, पीसीसी सदस्य भूपेंद्र भारद्वाज, जिला प्रमुख प्रतिनिधि रक्खीलाल बैरवा, भगवान सहाय शर्मा, हुकुम बाई मीणा, रामविलास जाटव सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। लगभग 40 से 50 कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन में भाग लिया।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम में बदलाव
इससे पहले, पार्टी ने नई दिल्ली में छात्र आंदोलन और कांग्रेस सांसदों के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में एक कैंडल मार्च की घोषणा की थी। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की घोषणा के बाद, उस कैंडल मार्च को स्थगित कर 'विजय मार्च' का आयोजन किया गया।
यह घटनाक्रम राजस्थान के शिक्षा परिदृश्य में छात्रों की चिंताओं के प्रति बढ़ते ध्यान को दर्शाता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।