
शाला दर्पण स्टाफ कॉर्नर बंद: शिक्षकों की बढ़ी परेशानी, जताई नाराजगी
Posted on 22 जुलाई 2026
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नागौर | प्रदेश के लाखों शिक्षक एक बार फिर से परेशानी में हैं। शाला दर्पण स्टाफ कॉर्नर, जो शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण ऑनलाइन पोर्टल है, के निर्धारित स्कूल समय के दौरान बंद रहने की समस्या गहरा गई है। इस अव्यवस्था के कारण शिक्षकों को अपने आधिकारिक कार्यों को निपटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षक संघों की मुखर आवाज
इस गंभीर मुद्दे को संज्ञान में लेते हुए, शिक्षक संघ रेस्टा ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं शाला दर्पण प्रकोष्ठ के अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संघ का स्पष्ट कहना है कि स्टाफ कॉर्नर को केवल सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही सुलभ रखा जाना चाहिए। यह समय शिक्षकों के कार्य दिवस के अनुरूप है और इस दौरान उन्हें पोर्टल का उपयोग करने में सक्षम होना चाहिए।
क्या हैं मुख्य समस्याएं?
- कार्य निष्पादन में बाधा: स्कूल समय के दौरान स्टाफ कॉर्नर के बंद रहने से शिक्षकों को अवकाश स्वीकृति, उपस्थिति दर्ज करने, या अन्य प्रशासनिक कार्यों को पूरा करने में दिक्कतें आ रही हैं।
- लंबित कार्य: कई शिक्षकों के महत्वपूर्ण कार्य लंबित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर स्कूल के प्रशासनिक ढांचे पर पड़ रहा है।
- सूचनाओं का अभाव: स्टाफ कॉर्नर अक्सर महत्वपूर्ण सूचनाओं और अपडेट्स का स्रोत होता है, जिसके बंद रहने से शिक्षक नवीनतम दिशा-निर्देशों से अनभिज्ञ रह सकते हैं।
तत्काल समाधान की आवश्यकता
हमारे नागौर संवाददाता के अनुसार, शिक्षकों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि जब वे स्कूल में उपस्थित होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, तब उन्हें स्टाफ कॉर्नर जैसे महत्वपूर्ण ऑनलाइन माध्यम का उपयोग करने से क्यों रोका जा रहा है। शिक्षक संघों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। यह मुद्दा प्रदेश के शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, जिस पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।