
नागौर शहर के 6 प्रमुख चौराहों पर लगेंगी ट्रैफिक लाइटें: 39 लाख का प्रोजेक्ट शुरू
Listen News
Audio Summary
नागौर शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नगर परिषद ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। शहर के छह प्रमुख चौराहों पर अत्याधुनिक ट्रैफिक लाइटें लगाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। करीब 39 लाख रुपए की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट को अगले 20 से 25 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे शहरवासियों को यातायात जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हमारे मूंडवा संवाददाता के अनुसार, नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त गोविंद सिंह भींचर ने बताया कि यह परियोजना शहर के बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और सड़कों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक थी। उन्होंने पुष्टि की कि अधिकांश चिन्हित स्थानों पर काम प्रारंभ हो चुका है और हमारी टीम लगातार इसकी प्रगति पर नजर रख रही है।
इन प्रमुख चौराहों पर लगेंगी ट्रैफिक लाइटें:
- वल्लभ चौराहा: शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों में से एक।
- मुंडवा चौराहा: मुंडवा रोड को जोड़ने वाला एक व्यस्त चौराहा।
- वॉटर बॉक्स चौराहा: आबादी वाले क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र।
- मानासर चौराहा: शहर के पूर्वी हिस्से को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग।
- कलेक्टर सर्किल: प्रशासनिक क्षेत्र के पास स्थित महत्वपूर्ण जंक्शन।
- एमसीएच अस्पताल के सामने: अस्पताल परिसर के निकट यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक।
आयुक्त भींचर ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि कुछ स्थानों पर, विशेष रूप से मुंडवा चौराहा और मानासर चौराहे पर, सड़क के नीचे पीएचईडी की केबल लाइनें होने के कारण फिलहाल कार्य बाधित है। इन दोनों चौराहों पर रोड कटिंग के लिए संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमतियां मांगी गई हैं। जैसे ही ये अनुमतियां प्राप्त होंगी, इन स्थानों पर भी बिना किसी देरी के ट्रैफिक लाइट लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। हमारी टीम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि पूरी परियोजना निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही संपन्न हो।
भीतरी बाजारों में अब भी जाम की चुनौती
हालांकि, मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगने से प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में निश्चित रूप से सुधार आने की उम्मीद है, लेकिन शहर के भीतरी बाजारों में जाम की समस्या अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। गांधी चौक, ए रोड, बी रोड और मुख्य बाजार जैसे क्षेत्रों में वाहनों का अत्यधिक दबाव और अव्यवस्थित पार्किंग अक्सर लोगों को घंटों जाम में फंसाए रखती है। इन क्षेत्रों में रोजमर्रा की आवाजाही करने वाले व्यापारियों और आम नागरिकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने की अतिरिक्त व्यवस्थाओं की मांग
स्थानीय निवासियों और व्यापारिक संगठनों ने ट्रैफिक लाइट लगाने के इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने शहरी यातायात को पूरी तरह से सुगम बनाने के लिए कुछ अतिरिक्त व्यवस्थाएं करने की भी मांग की है। लोगों का कहना है कि सिर्फ ट्रैफिक लाइटें लगाना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने भीतरी शहर में यातायात पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने, सड़कों के किनारे से अतिक्रमण हटाने और सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि इन समग्र कदमों से ही नागौर को जाम की समस्या से स्थायी और दीर्घकालिक राहत मिल पाएगी। नगर परिषद को इन सुझावों पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि शहर की यातायात व्यवस्था एक समग्र दृष्टिकोण के साथ बेहतर हो सके।
📲 खबर पसंद आई?
अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!

Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।