
शिक्षा विभाग: शिक्षकों को ज्ञान के साथ संस्कार देने पर जोर
Posted on 30 जुलाई 2026
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हमारे **नागौर** संवाददाता के अनुसार, कस्बे के राधाकृष्ण स्कूल परिसर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ विद्यालय शिक्षा द्वारा आयोजित गुरुवंदन एवं सम्मान समारोह में शिक्षकों के दायित्वों पर विशेष प्रकाश डाला गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में शिक्षा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
शिक्षक की भूमिका: ज्ञान से परे संस्कार
समारोह के मुख्य वक्ता, दिनेश भार्गव ने अपने संबोधन में इस बात पर बल दिया कि एक शिक्षक का कार्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं है। उन्होंने कहा, "गुरु केवल ज्ञान नहीं देता, चरित्र का निर्माण करता है, संस्कार देता है और राष्ट्र भावना जगाता है।" भार्गव ने जोर देकर कहा कि आज की पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, नैतिकता, अनुशासन, सामाजिक समरसता और महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों का विकास अत्यंत आवश्यक है। नई पीढ़ी में हमारी संस्कृति, कर्तव्य बोध और राष्ट्र प्रेम जैसे संस्कारों का सिंचन करना शिक्षकों का परम कर्तव्य है।
कर्तव्य और सम्मान का संगम
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पप्पू कुमार चक्रधारी ने कहा कि शिक्षकों को अपने अधिकारों की मांग के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को समाज का एक सम्मानित वर्ग बताते हुए कहा कि प्रत्येक कार्य समर्पण और ईमानदारी से किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षकों को निरंतर प्रयासरत रहने की आवश्यकता है।
समारोह में प्रमुख हस्तियां
इस अवसर पर ब्रह्मप्रकाश नागर, धनराज सुमन, यतन शर्मा, शंकरलाल मालव, शिवलाल योगी, सुरेंद्र सालवी, ओमसिंह भाटी, निरुचंद नागर, हिमांशु गर्ग, चेतन मेघवाल, प्रमोद मेघवाल, अशोक नागर, जितेंद्र नागर, छीतरलाल नागर, प्रदीप नागर, मुकेश मीणा, हेमंत व्यास, जितेंद्र सिंह मीणा, सतपाल सिंह मीणा, चंद्रमोहन नागर, रामस्वरूप सालवी, सुरेश लववंशी सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नंदलाल केसरी ने किया और सौरभ मीणा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
मुख्य बिंदु:
- शिक्षकों को ज्ञानार्जन के साथ-साथ विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिकता और राष्ट्रभक्ति का विकास करना चाहिए।
- शिक्षक की भूमिका केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण है।
- शिक्षकों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करना चाहिए।
- विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
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Written & Verified By
AbhishekChief Editor
नागौर के युवा पत्रकार और डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ। अभिषेक जी को ग्रामीण विकास और स्थानीय समस्याओं के सटीक विश्लेषण का गहरा अनुभव है।